Sunday, March 21, 2010

मेरे मन की आवारगी .............My Flirting mann ....... by manju dagar, News Anchor/TV Presenter, Time Today मेरे मन की आवारगी .............My Flir

मेरे मन की आवारगी .............
कभी भटकती है शहरों की
अँधेरी रातो में !
तो कभी भटकती है गाँव की
अल्हड़ पगडंडियो में !
मेरे मन की आवारगी .............
कभी भटकती है खुसरो की
रूबाइयो में !
तो कभी भटकती है आजमी की
गज़लों में !
मेरे मन की आवारगी ..............
कभी भटकती है कवि प्रदीप के
गीतों में !
तो कभी भटकती है ख़य्याम की
गज़लों में !
मेरे मन की आवारगी ..............
कभी भटकती है नील गगन के
विस्तृत पटल पर !
तो कभी भटकती है सागर की
तलहटी में !
मेरे मन की आवारगी ...............!


मंजु चौधरी

1 comment:

Rakesh said...

GOOD ONE

KISI SHAYER NE KAHA HAI

KE MANWA BAIRI HO GAYE HAMAR .....................